स्वतंत्र भारत : एक टाइमलाइन


इष्ट देव सांकृत्यायन  

Ø  बच्चों के लिए कुछ बिंदु
·         बिंदुओं के बीच-बीच में टिप्पणियां अर्धशतकीय युवाओं द्वारा युवाओं के लिए युवाओं की हैं. 


v  अगस्त 14, 1947
धार्मिक आधार पर भारत का विभाजन.

v  मार्च 1971
पांचवीं लोकसभा का गठन...
गरीबी हटाओ का नारा भी श्रीमती इंदिरा गांधी ने इसी चुनाव में दिया था. आप देख ही रहे थे, उसके बाद देश में गरीबी कहीं बची थी. वो तो उस गरीबी हटाओकी लोकप्रियता से घबरा कर दुबारा से थोड़ी-बहुत गरीबी तलाशने के लिए मोदी जी को नोटबंदी करनी पड़ी और तबसे देश में चारों तरफ गरीबी फैली दिखने लगी.
ख़ैर, इसी परम लोकप्रिय और महान नारे को लेकर सर्वेश्वर दयाल सक्सेना ने एक नाटक लिखा था अब गरीबी हटाओ.
[विधि के अनुसार यह लोकसभा चलती तो इसका अधिकतम कार्यकाल होता फरवरी 1976 तक]


लेकिन
इसके पहले ही

v  जून 12, 1975
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने चुनावी भ्रष्टाचार के आधार पर श्रीमती इंदिरा गांधी के निर्वाचन को ही अवैध ठहरा दिया.  
[इंदिरा जी महान राजनेता थीं. उन्होंने विधि के बजाय संविधान के विधान का पालन करना उचित समझा और इसी क्रम में त्यागपत्र के बजाय लोकतंत्र का महान त्याग किया.]

v  जून 25, 1975
पूरे देश में आपातकाल की घोषणा.
सारी नागरिक स्वतंत्रताएं समाप्त. कुछ महान लोगों को छोड़कर लगभग पूरा विपक्ष देश भर की जेलों में यत्र-तत्र-सर्वत्र सुरक्षित किया गया.

v  जनवरी 3, 1977
संविधान की प्रस्तावना में 42वें संशोधन के जरिये दो शब्द जोड़े गए
सेकुलर और सोशलिस्ट.

v  मार्च 21, 1977
आपातकाल समाप्त


Ø  बड़ों के लिए कुछ प्रश्न
·         सभी प्रश्नों के प्रप्तांक समान हैं, पूर्णांक आपकी औकात पर निर्भर

1. लोकसभा का न केवल कार्यकाल समाप्त हो जाने, अपितु उच्च न्यायालय द्वारा निर्वाचन भी अवैध घोषित किए जा चुकने के बाद उसके द्वारा संविधान में किए गए किसी भी संशोधन की कितनी वैधानिकता मानी जानी चाहिए?

2. धार्मिक आधार पर जिन लोगों ने देश बाँटा, उन्हीं लोगों ने तीस साल बाद देश को धर्मनिरपेक्ष कैसे घोषित कर दिया?

3. एक अवैध निर्वाचित और समाप्तकाल लोकसभा द्वारा किए गए संविधान संशोधन में कौन सा रस तथा धार्मिक आधार पर बंटने के बाद धर्मनिरपेक्ष घोषित किए जाने में कौन सा अलंकार है?

4. भारतीय संविधान में आज तक का सर्वाधिक विवादास्पद संशोधन कौन सा माना जाता है?

5. क्या सर्वाधिक विवादास्पद माने जाने वाले उस संशोधन को लेकर कभी कोई आंदोलन हुआ? यदि नहीं तो क्यों तथा इस परम नहींको क्या माना जाना चाहिए: 
अ. परम बुध्दिजीविताआ. परम वीरता



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