Posts

Showing posts with the label खबर समाज

आप क्या तय कर रहे हैं?

बिहार चुनाव के नतीजों ने पूरी भारतीय राजनीति को झकझोर दिया है. जाति-धर्म-क्षेत्र जैसे झूठे मुद्दों पर बन्दर की तरह नाचने वाले देसी मतदाताओं ने इन छलावों को मेटहे में बन्द कर लोकतंत्र की बहती नदी की तीव्र धारा के हवाले कर दिया है. बबुआ का जादू भी नहीं चला. स्विस बैंक के खुलासे सामने हैं और आम भारतीय उनमें रुचि ले रहा है. ग़ौर करने की ज़रूरत है, यह लगभग वैसा ही दौर है, जैसा राजीव गान्धी के दौर में हुआ था. आम आदमी का ध्यान पहली बार ख़ास लोगों के काले कारनामों की ओर गया था और जिसने झूठमूठ मुद्दा बना कर जनता को बहकाया था उसी ने मदारी के झोले से मंडल कमीशन की सिफ़ारिशों का ख़तरनाक सांप निकाल दिया था. कांग्रेस को छात्र नेताओं के जरिये अपनी राजनीति चमकाने का मौक़ा मिल गया और उसने तुरंत पिछले दरवाज़े से छात्र नेताओं को हवा देकर आत्मदाहों का दौर चलवा दिया. पूरे देश में लगभग ख़त्म हो चुका जातिवाद नए सिरे से स्थापित हो गया. यह न तो अकेले कांग्रेस की चाल थी, न वीपी सिंह की और न भाजपा की. वस्तुतः यह इन सबकी मिली-जुली चाल थी. इस बात पर व्यापक ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में सोचने की ज़रूरत है. हम फिर एक कठिन दौर...

देवदर्शन टैक्स इन इंडिया

-हरिशंकर राढ़ी आज की ताजा खबर यह है कि शिरडी स्थित श्री साईं भगवान के दर्शन के लिए अब शुल्क लगेगा। प्रातःकालीन आरती के लिए 500रु, मध्याह्न की आरती के लिए 300रु और सामान्य दर्शन के लिए 100रु। इसमें कुछ शर्तें भी शामिल हो सकती हैं, टर्म्स एण्ड कंडीशन्स अप्लाई वाली ट्यून! परन्तु टैक्स तो लगेगा ही लगेगा! गत सितम्बर माह में मैं दक्षिण भारत की यात्रा पर गया था जिसका वृत्तान्त मैं ब्लॉग पर 'पोंगापंथ अपटू कन्याकुमारी' शीर्षक से लेखमाला के रूप में दे रहा हूँ। कुछ कड़ियाँ आई थीं और उस पर हर प्रकार की प्रतिक्रिया भी आई थी। इस वृत्तान्त में मंदिरों में धर्म के नाम पर हो रहे आर्थिक शोषण को सार्वजनिक दृष्टि में लाना मेरा प्रमुख उद्देश्य रहा। बहुत समर्थन मिला था मेरे विचार को। परन्तु कुछ लोगों ने इसे जायज ठहराने का भी प्रयास किया। उनका कहना था कि कुछ शुल्क निर्धारित कर देने से मंदिर के रखरखाव एवं कर्मचारियों के जीवन यापन में मदद मिलेगी और पंडों की लूट से छुटकारा भी मिलेगा। वैसे इनके इस तर्क से पूर्णतया असहमत भी नहीं हुआ जा सकता। ...

Most Read Posts

रामेश्वरम में

Bhairo Baba :Azamgarh ke

इति सिद्धम

Azamgarh : History, Culture and People

Maihar Yatra

विदेशी विद्वानों के संस्कृत प्रेम की गहन पड़ताल

...ये भी कोई तरीका है!

निज़ामाबाद और शीतला माता

पेड न्यूज क्या है?