आयाम से विधा की ओर
इष्ट देव सांकृत्यायन यह भी पढ़ लें : वर्चुअल दुनिया के रीअल दोस्त वर्धा स्थित सेवाग्राम अश्रम परिसर में बापू कुटी अगले दिन सुबह मैं ठीक समय पर तैयार होकर नागार्जुन सराय आ गया. बस निकलने ही वाली थी, इसलिए और कुछ भी किए बग़ैर मैं सीधे बस में बैठ गया. बस में भरपूर हंसी-ठिठोली करते थोड़ी ही देर में हम लोग सेवाग्राम पहुंच गए. बिलकुल प्राकृतिक वातावरण में मौजूद एक बड़े से परिसर में कई छोटे-छोटे घर... प्रकृतिप्रदत्त सुविधाओं से संपन्न. खपरैल के इन्हीं घरों में से एक में गांधी जी का ऑफिस हुआ करता था, एक में वह रहते थे और एक में भोजन करते थे. एक घर के बारे में बताया गया कि यहां एक बार जब वे बीमार पड़ गए थे, तब रहे थे. यह उनके लिए उद्योगपति जमनालाल बजाज ने बनवाया था. कुछ लोग बड़ी श्रद्धापूर्वक गांधी जी को याद कर रहे थे, कुछ उनके ब्रह्मचर्य के प्रयोगों की चर्चा में मशगूल थे, कुछ क्रांतिकारियों के प्रति उनके दृष्टिकोण और कुछ उनके अहिंसा और सत्य पर किए गए प्रयोगों के. वैसे यशपाल के माध्यम से गांधी जी को जानने वालों की भी कमी नहीं थी. अच्छी बात यह थी कि सभी ने ...