Posts

Showing posts from May, 2021

नर्मदा के ओंकारेश्वर

Image
   - हरिशंकर राढ़ी              ओंकारेश्वर  मंदिर का एक दृश्य  महाकाल नगरी उज्जैन कई बार जाने के बावजूद वहाँ से लगभग डेढ़ सौ किलोमीटर दूर नर्मदातट पर स्थित ओंकारेश्वर-ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग की अब तक मात्र दो यात्राएँ ही हो पाईं। हाँ , इतना अवश्य है कि जब भी उज्जैन जाना होता है , ओंकारेश्वर का मनोरम वातावरण बहुत गंभीरता से बुलाता है। यदि एक बार ओंकारेश्वर और नर्मदा तट पर पहुँच गए तो लौटते समय दुबारा आने का लोभ वहीं से प्रारंभ हो जाता है। द्वादश ज्योर्तिलिंगों की यात्रा में अभी केदारनाथ का सौभाग्य नहीं मिला है। निःसंदेह केदारनाथ प्राकृतिक दृष्टि से सर्वाधिक समृद्ध होगा , किंतु अन्य ज्योतिर्लिंगों की बात की जाए तो जो प्राकृतिक रमणीयता ओंकारेश्वर में है , वह किसी अन्य में नहीं है। अपनी लघु पर्वतीय सीमाओं में कल-कल , छल-छल करती नर्मदा , प्रातःकाल नर्मदा के स्वच्छ जल में नहाते लोग , नदी के दोनों ओर ज्योतिर्लिंगों के रूप में स्वयंभू ओंकारेश्वर और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग जैसे पौराणिक स्थल प्रकृति और अध्यात्म का एक दुर्लभ दृश्य उपस्थित करते हैं। महीना नवंबर का था जो यात्रा के लिए सर्वाधिक सु

Most Read Posts

रामेश्वरम में

Bhairo Baba :Azamgarh ke

Maihar Yatra

इति सिद्धम

Azamgarh : History, Culture and People

...ये भी कोई तरीका है!

आइए, हम हिंदीजन तमिल सीखें

विदेशी विद्वानों के संस्कृत प्रेम की गहन पड़ताल

सीन बाई सीन देखिये फिल्म राब्स ..बिना पर्दे का

पेड न्यूज क्या है?