Posts

Showing posts with the label police

विकास दुबे या विनय तिवारी

Image
इष्ट देव सांकृत्यायन जो दशा विकास दुबे के घर की हुई , वह उससे पहले विनय तिवारी के घर की होनी चाहिए थी। विकास दुबे ने तो केवल ब्राह्मण जाति और मनुष्यता को कलंकित किया है लेकिन विनय तिवारी और उसके साथियों ने तो अस्तित्व मात्र को कलंकित किया। अपने ही साथियों के खिलाफ एक गुंडे के लिए सुरागरसी और उसके यह कहने के बावजूद कि आने दो सालों को ... सबको कफन में लपे ट देंगे ... अपने साथियों को कोई हिंट तक न देना ... उन्हें सचेत तक न करना ... इससे क्या पता चलता है ? यही न कि विनय तिवारी का भरोसा खुद अपने विभाग यानी पुलिस पर कम और एक गुंडे पर ज्यादा है। जब तक थानों से लेकर चौकियों तक की नीलामी होती रहेगी , आप यह उम्मीद कैसे कर सकते हैं कि कोई पुलिस वाला विनय तिवारी से भिन्न हो सकता है ? और जब तक विनय तिवारी जैसे पुलिसिये मौजूद हैं , आप यह सोच भी कैसे सकते हैं कि आम जनता अपनी सुरक्षा के लिए विकास दुबे , मुख्तार अंसारी , हरिशंकर तिवारी , वीरेंद्र...

Most Read Posts

रामेश्वरम में

Bhairo Baba :Azamgarh ke

इति सिद्धम

Maihar Yatra

Azamgarh : History, Culture and People

...ये भी कोई तरीका है!

विदेशी विद्वानों के संस्कृत प्रेम की गहन पड़ताल

निज़ामाबाद और शीतला माता

पेड न्यूज क्या है?