मायानगरी के सच का सच
बिली ग्राहम अमेरिकी इवैंजेलिस्ट थे. उनकी कुछ बातें ऐसी हैं जो सार्वकालिक और सार्वदेशिक महत्व की हैं. कहावत का रूप ले चुकी हैंं और दुनिया भर में कहावतों के रूप में ही जानी जाती हैं. ऐसी ही बातों में एक है: When wealth is lost, nothing is lost; when health is lost, something is lost; when character is lost, all is lost. बीते पाँच दशकों में बहुत कुछ उलट गया है. जैसे यह दुनिया को यह समझाया जाने लगा है कि सत्य और ईमानदारी जैसा कुछ होता ही नहीं है. आज वही ईमानदार है , जिसे बेईमानी का मौका नहीं मिला या जिसके पास बेईमानी करने का साहस या अक्ल नहीं है. हद्द है. बेईमानी को साहस और बेशर्मी - नंगई को बहादुरी से जोड़ा जाने लगा है. जाहिर है , ऐसे में चरित्र की स्थिति भी बदल चुकी है. झूठ बोलने वाले इतने करीने से बोलते हैं और वह भी पूरे जोर से शोर मचाकर कि सच उनके शोर के भार के तले तड़फड़ाकर मर ही जाता है. वसीम बरेलवी का शे ' र याद आता है: वो झूठ बोल रहा था बड़े सलीके से मैं ए ' तिबार न करता तो और क्या करता. सिनेमा बहुत हद तक ऐसा ही करता है. वह कहता हमेशा अच्छे क...