मेरी चीन यात्रा – 6
यह यात्रा वृत्तांत शुरू से पढ़ने के लिए कृपया यहाँ चटका लगाएं : पहली , दूसरी , तीसरी , चौथी एवं पांचवीं किस्त डॉ. अरविंद मिश्र रा इ जिंग बटरफ्लाई होटेल में हमारा ठहराव था। जहां स्वागत डेस्क पर वालंटियर्स , जिसमें स्कूलों की छात्र छात्राएं थीं , आगंतुकों की सहायता में जुटे थे। आगंतुक अतिथियों को होटेल रिसेप्शन पर ले जाना , इ ंट्री , सामान कमरे में भिजवाना आदि काम सभी मुस्तैदी से निपटा रहे थे। इन्हें अंग्रेजी की कामचलाऊ जानकारी थी। जिससे वे सभी बतौर दुभाषिए काम कर रहे थे। होटेल रिसेप्शन की बालाएं तो अंग्रेजी बिल्कुल भी नहीं समझ रही थीं। हमें पांच सौ युवान (रु. पांच हजार लगभग) सि क्योरिटी मनी के रुप में जमा करने को कहा गया। यह अजब सा लगा क्योंकि हमारा पूरा पैकेज ही पेड था। मगर बताया गया कि वापसी में यह राशि लौटा दी जा ए गी। होटेल राइजिंग बटरफ्लाई किसी भी भारतीय होटेल की तुलना में हर लिहाज से आरामदायक और भव्य था। इसके लि ए हम सात सितारा दे सकते थे। तकनीकी तामझाम भी खूब था। एक रोबोट भी अढ़वा-टिकोर ( Errand) में लगा था और फर्श की सफाई के साथ छोटे - मोटे सा...