Posts

Showing posts from September, 2016

खाट पड़ी है बिस्तर गोल

इष्ट देव सांकृत्यायन खाट पड़ी है बिस्तर गोल बोल जमूरा जय जय बोल आते ही नज़दीक चुनाव शुरू हो गए बचन बोल सबका दुख वे समझ रहे हैं जिनके बदल गए हैं रोल. खिसक गई ज़मीन तो काहें घिस रहे हैं झुट्ठै सोल. कसरत कोई कितनी कर ले मन है सबका डावाँडोल अपने चरित्र का कोई न ठेका खोल रहे सब सबकी पोल चाहे जिसकी देखो पंजी सबमें हुई है झोलमपोल भाँग कुएँ में कौन मिलाए बरस रहा है गगन से घोल अपने ढंग से बजा रहे हैं सभी एक दूसरे का ढोल किसी के सिर पर ताज बिठा दे जनता कितनी है बकलोल.

Most Read Posts

Bhairo Baba :Azamgarh ke

रामेश्वरम में

Maihar Yatra

Azamgarh : History, Culture and People

...ये भी कोई तरीका है!

सीन बाई सीन देखिये फिल्म राब्स ..बिना पर्दे का

इति सिद्धम

आइए, हम हिंदीजन तमिल सीखें

विदेशी विद्वानों के संस्कृत प्रेम की गहन पड़ताल

पेड न्यूज क्या है?