Posts

Showing posts with the label system

व्यवस्था में कालनेमि

इष्ट देव सांकृत्यायन  ¶ निर्भया के दोषियों को फांसी होने से क्या बलात्कार रुक जाएंगे ?¶ ¶ यह प्रश्न आज वही उठा रहे हैं जो खुद को गलती से किसी की कुहनी लग जाने पर उसकी जान ले लेना चाहते हैं. ¶ तब कहां चली जाती है सारी सहिष्णुता तुम्हारी ? क्यों नहीं सुझती तुम्हें तब अहिंसा ? ¶ ये वही लोग हैं जो अपना पर्स चोरी हो जाने पर पूरे सिस्टम , पूरे देश और देश की सारी जनता को कोसने लगते हैं. गोया सब केवल इनका पर्स चुराने में जुटे पड़े थे. ¶ लेकिन सवाल यह है कि जब दोषी को सजा देनी ही नहीं , बलात्कार जैसा जघन्य अपराध करने वाले को एक मदरसे के फर्जी दस्तावेज के आधार पर नाबालिग मान लिया जाना है और उसे इस महान कृत्य के लिए पुरस्कार दिया जाना है , तो फिर जरूरत क्या है दुनिया में किसी सिस्टम की ? क्यों न चलने दिया जाए जंगल राज ? ¶ और बताएं आपको , दुनिया में कोई सिस्टम नहीं होना चाहिए , यह भी एक सिद्धांत है और इस सिद्धांत के आज के दुनिया में सबसे बड़े प्रतिपादकों वही हैं , जिनके अपने सिस्टम ने थ्येना आन मन चौक पर एक ही झटके में लाखों युवाओं को टैंक लगाकर उड़ा दिया था. उनका अप...

शर्म आपको मगर नहीं आती

अगर आप सही मायने में एक सुरक्षित जीवन चाहते हैं जिसमें न समाज का कोई भय हो , न पुलिस का , न सरकार का , न कानून का और न ही किसी और का अगर आप चाहते हैं कि आपके मारे जाने पर देश भर में हल्ला मचे मीडिया से लेकर तथाकथित सामाजिक कार्यकर्ता और मानवाधिक्कारवादी तक सब एक सुर में रेंकें और रेंक रेंक कर पूरी दुनिया का जीना हराम कर दें तो आपके पास कुल जमा दो ही रास्ते हैंं- या तो आतंकवादी बन जाइए या फिर जघन्य बलात्कारी. देखिए , हैदराबाद में चार दरिंदों के मारे जाते ही एनएचआरसी पहुँच गई. जरा पूछिए इनसे कभी किसी आम इंसान के , शरीफ आदमी के मारे जाने पर ये कहीं पहुंंचे हैं क्या ? पूछिए इनसे कि उस स्त्री का भी कोई मानवाधिकार था या नहीं ? पूरा देश देख रहा है कि निर्भया के दरिंदे अभी तक बिरयानी चांप रहे हैं. पूरा देश देख रहा है कि ऐसी न मालूम कितनी जघन्य घटनाओं के जिम्मेदार बाइज्जत बरी हो चुके हैं. पूरा देश देख रहा है कि ऐसी न मालूम कितनी जघन्य घटनाओं के जिम्मेदार सरेआम घूम रहे हैं , पर देश की पुलिस और खुफिया व्यवस्था में से किसी को भी उनका कहीं कोई अता-पता नहीं है. लेकिन जघन...

Most Read Posts

रामेश्वरम में

Bhairo Baba :Azamgarh ke

इति सिद्धम

Azamgarh : History, Culture and People

Maihar Yatra

विदेशी विद्वानों के संस्कृत प्रेम की गहन पड़ताल

...ये भी कोई तरीका है!

निज़ामाबाद और शीतला माता

पेड न्यूज क्या है?