Posts

Showing posts with the label Sanskriti

चित्रकूट में शेष दिन

Image
हरिशंकर राढ़ी  स्फटिक शिला: चित्रकूट शहर से कुछ ही दूरी पर मंदाकिनी के तट पर यह शिला है जो स्फटिक पत्थर की ही। नदी के उस पर सुंदर घना जंगल है और कुल मिलाकर नेत्रों को बड़ी शांति मिलती है। इस शिला पर भगवान राम सीता के साथ बैठा करते थे और समय को देखते रहते थे। यहीं इंद्रपुत्र जयंत कौवे के भेश में सीता के चरणों में चोंच मारकर भागा था और श्रीराम ने सींक का तीर चलाकर दंडित किया था। यह कथा बहुत प्रसिद्ध है। लेकिन, मुझे जो चीज सबसे रोचक लगी, वह यह कि राम कितने प्रकृति प्रेमी रहे होंगे और कितना चिंतन करते रहे होंगे। उनका सीता जी के साथ प्रेम का एक सुुंदर प्रसंग रामचरित मानस में मिलता है: स्फटिक शिला             छाया : हरिशंकर राढ़ी  एक बार चुनि कुसुम सुहाए। निजकर भूषण राम बनाए।। सीतहिं पहिराए प्रभु सादर। बैठे फटिक शिला पर सुंदर।।                             (अरण्य कांड, ) इस शिला पर राम के पैरों के चिह्न बने हुए दिखाई देते हैं। यहीं ...

Most Read Posts

रामेश्वरम में

Bhairo Baba :Azamgarh ke

इति सिद्धम

Azamgarh : History, Culture and People

Maihar Yatra

विदेशी विद्वानों के संस्कृत प्रेम की गहन पड़ताल

...ये भी कोई तरीका है!

निज़ामाबाद और शीतला माता

पेड न्यूज क्या है?