मेरी चीन यात्रा – 11

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मेरे कुछ विज्ञानकथा कीड़ा (साइंस फिक्शन बुकवर्म) मित्रों को अब तक के संस्मरणों के बजाय सम्मेलन के एजेंडा की चर्चा की दरकार है। वैसे तो मैंने संपन्न विमर्शों की थोड़ी झलक पहले भी दे रखी है किंतु विज्ञानकथा प्रेमियों को और चाहि - दिल मांगे मोर की तर्ज पर।

मैंने पहले भी यह स्पष्ट किया था कि वहां चर्चा परिचर्चा और विमर्श एक ही समय में कई कक्षों में समानांतर चल रहा था जिसे अकेले कवर कर पाना/सुनना संभव नहीं था। हां, कार्यक्रम विवरणिका से हम विषयों पर आपको एक दृष्टि डालने का अवसर जरुर दे सकते हैं। मुख्य विषय निम्नवत रहे

१-विज्ञानकथा और न अर्थव्यवस्था
२-एशियाई विज्ञानकथा का भविष्य
३-वर्ल्डकान आयोजन के विविध पहलू
४-विविधतायुक्त जपानी विज्ञानकथा
५-कोरिआई विज्ञानकथा का भविष्य और वर्तमान
६-विज्ञानकथा और नगरीय नियोजन की संकल्पनाएं
७-चीनी विज्ञानकथा का अनुवाद और निर्यात
८-विज्ञानकथा से प्रेम क्यों?९-वैज्ञानिक प्रगति से विज्ञानकथा के अंतर्संबंध
१०-विज्ञानकथा का भविष्य अंतरराष्ट्रीय है
११-साईफाई बेस्टसेलर बनने की कहानी
१२-ब्रायन एल्डिस की याद
१३-साबरपंक से सोलारपंक तक : प्रौद्योगिकी, बुद्धि कौशल और पर्यावरण मित्र विज्ञानकथाओं का नया चलन
१४-फिलिप के डिक की बहुमूल्य कृतियां
१५-विज्ञानकथाओं की समग्र दृष्टि मे बच्चों का विज्ञानगल्प
१६- विज्ञानकथा एवं नैतिकता और विधि
१७-साइंस फिक्शन शिक्षा तंत्र (एजुकेशन इकोसिस्टम)
१८-विज्ञानकथा के फैलाव में औद्योगिक शक्ति का निवेश
१९-हार्ड एस एफ का पुनर्जागरण
२०-चेंगडू, चाईना साइंस फिक्शन के विविध पहलू
२१-अमेरिका और चीन में स्त्रैण (नारीवादी?) विज्ञानकथा
२२-फिल्म और टेलीविजन की विज्ञान कथा
२३-डाक्टर हू - विशद चर्चा
२४-अन्य साहित्यिक विधाओं के साथ विज्ञान कथा : साहचर्य और आमेलन
२५-चानीज विज्ञानकथा और विदेशी विज्ञान कथाओं के सेतु
२६-विज्ञानकथा और गेम
२७-यूरोप से एशिया तक विज्ञानकथा की विरासत, २८-एशिआई रीजनल विज्ञानकथा एशोसिशनों के कन्वेंशन माडल
२९-वर्ल्डकान के लि बोली (बिड कैसे करें?)

आशा है इस विस्तृत विवरण से मेरे विज्ञानकथा प्रेमी मित्रों की जिज्ञासाएं शमित होंगी। भारत में भी विज्ञानकथा आयोजनों की दृष्टि से यह विवरण प्रेरक और मार्गदर्शक बन सकेगा। अगले संस्मरण के भाग में हम कुछ छिटपुट छूटी यादों और वापसी को समेटेंगे। साथ बने रहि
जारी......

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