फ्रेश लीडरशीप की बात कर रहे हैं आमिर खान

आमीर खान अपने ब्लॉग पर वर्तमान हालात को लेकर गंभीर चिंता करते हुये दिख रहे हैं। फिल्मी दुनियां में काम करने वाले लोग जानते हैं कि आमीर एक गंभीर इनसान हैं और कई बार बड़ी बेबाकी से सार्वजिनक जीवन पर टिप्पणी करने के कारण उनकी खूब टांग खीचाई भी हो चुकी है। उनको लेकर लोगों की चाहे जो अवधारणा हो,लेकिन उनकी बातों को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता।
वे देश में आतंकवाद के लिए सीधेतौर पर प्रमुख राजनीतिक दलों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। वह लिखते हैं कि मुंबई में जो कुछ भी हुआ उसके लिए सीधे तौर पर नपुंसक कांग्रेस जिम्मेदार है। इसके पहले इंडियन एयरलायंस 814 के अपहरण के समय भाजपा ने तीन आतंकियों को छोड़कर आतंकवाद को लेकर अपनी नपुंसकता जाहिर कर चुका है।
इन घटनाओं से वह सबक सीखने की बात करते हुये कहते है कि आतंकवादियों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए। सभी आतंकियों को यह स्पष्ट संदेश दे देना चाहिए कि भारत उनसे किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा।
आगे वह लिखते हैं कि भविष्य में मुझे परिवार के साथ यदि आतंकी बंधक बना लेते हैं तो मुझे छुड़ाने के लिए उनसे किसी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्हें तत्काल मार गिराया जाना चाहिए। देश की सुरक्षा की खातिर मैं अपना और अपने परिवार का बलिदान करने के लिए तैयार हूं। अपने ब्लॉग पर आमिर खान आतंकवाद को व्यापक रूप में परिभाषित करते हुये लिखते हैं कि आतंकवाद की परिभाषा सिर्फ एके 47 तक ही सीमित नहीं है किसी भी जरिये लोगों के दिल में भय बिठाने को आतंकवाद माना जाये।
वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था में होने वाले गिरावट के लिए वह आम जनता को दोषी करार देते हुये लिखते हैं कि राजनीतिक मार्स और ज्यूपीटर से नहीं आते वे हमारे और हमारे समाज के बीच से आते हैं उनका चयन एक डेमोक्रेटिक सिस्टम के तहत हमलोग करते हैं। एक सवाल उछालते हुये वह पूछते हैं, कुछ देर रुककर आप सोचीये कि दोषी कौन है? आमिर खान अपने बच्चों को एक बेहतर व्यवस्था देने के लिए देश में एक युवा राजनीतिक पार्टी को उभरते हुये देखने की इच्छा व्यक्त करते हैं। एक फ्रेश लीडरशीप की बात करते हैं, जिसे हम सभी लोग समर्थन दे सके।

Comments

  1. हम भी यही कह रहे है पर जब भगवन करे ऐसा हो तब जरा पूछना .पर उपदेश कुशल बहुतेरे

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  2. कह तो हम भी यही रहे हैं
    आतंकी घटनाओं के प्रति जीरो टोलरेशन और उसकी जड़ों तक पहुँचने की सच्ची कोशिश
    साथ में क़ानून का सही पालन

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