...अहले दुनिया होएगा


सबका होना या न होना यह जरूरी है नहीं
मेरे होने की इयत्ता अहले दुनिया होएगा
आसमान भी होएगा सागर, जमीं भी होएगी
हम अभी से क्यों बताएं, और क्या-क्या होएगा
होंगी सब रंगीनियाँ, जन्नत-जहन्नुम होएँगे
आने-जाने के लिए वां साजो-सामां होएगा
तुम रहोगे, हम रहेंगे, फिर वही दुनिया हुई
फिर वही साकी रहेगी और पैमां होएगा
हो गए दुनिया से रुखसत जो सिकंदर लोग थे
संग उनके ऐ जमाने अपना अफसां होएगा
रतन

Comments

Popular posts from this blog

रामेश्वरम में

Bhairo Baba :Azamgarh ke

इति सिद्धम

Most Read Posts

रामेश्वरम में

Bhairo Baba :Azamgarh ke

Maihar Yatra

इति सिद्धम

Azamgarh : History, Culture and People

...ये भी कोई तरीका है!

पेड न्यूज क्या है?

विदेशी विद्वानों के संस्कृत प्रेम की गहन पड़ताल

सीन बाई सीन देखिये फिल्म राब्स ..बिना पर्दे का

आइए, हम हिंदीजन तमिल सीखें