...तो इसलिए जिंदा है भारतीय सभ्यता!
- हिंदू समाज जब जातिहीन बनेगा, तभी उसमें अपनी रक्षा करने की क्षमता आएगी। - भारतीय संविधान के निर्माता डॉक्टर भीमराव आंबेडकर , एनहिलेशन ऑफ कास्ट में। - हिंदू समाज लगातर बदलता रहा है। कई बार उसमें भारी बदलाव आए हैं। कहां हैं वेदों में वर्णित इंद्र, कहां हैं वरुण, कहां हैं ब्रह्मा और कहां हैं मित्र। वो गायब हो गए। ब्राह्मणों ने न सिर्फ वैदिक देवताओं को छोड़ा बल्कि फायदा देखकर वो मुस्लिम पीर तक के उपासक बन गए। - डॉक्टर आंबेडकर, रिडल्स इन हिंदूइज्म की प्रस्तावना में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के एंथ्रोपॉलोजिस्ट वी एस सहाय ने ये दावा किया है कि जाति व्यवस्था की वजह से ही प्राचीन भारतीय सभ्यता इतने झंझावातों को झेलकर जिंदा है। जाति प्रथा की वजह से भारतीय सभ्यता-संस्कृति के अक्षय होने के बारे में इस दावे में अगर कुछ नया है तो सिर्फ इतना कि इस निष्कर्ष तक पहुंचने के साधन अलग होंगे। वरना समाजशास्त्रीय और ऐतिहासिक सामग्री के आधार पर शोधकर्ता कई दशक पहले ऐसी बात कह गए हैं। नीचे लिखी पंक्तियां पढ़िए - दो हजार वर्ष पूर्व आर्य समाज का राज यंत्र शक, यवन, मेद, पारसिक आदि ने छीन लिया था। जातिबद्ध आर्य समाज ...