नहीं बनना नेता...


इस साल गणतंत्र दिवस पर वीरता पुरस्कार से सम्मानित होने वाले बच्चों ने बड़े होकर नेता बनने से साफ इनकार कर दिया....इन बच्चों से पूछा गया था कि बड़े होकर क्या बनना चाहोगे..? उन्होंने डाक्टर बनना चाहा, इंजिनियर बनना चाहा,वकील बनना चाहा, पत्रकार बनना चाहा पर नेता नहीं...जय हो..!!!
-अनिल आर्य

Comments

  1. दुर्भाग्य है देश का, हर चीज में राजनीति हो जाती है।

    ReplyDelete
  2. राजनीति और राजनीतिग्यों को गरियाते-गरियाते उसकी छवि कुछ ज्यादा ही खराब कर दी गई है। दूसरी बात यह है कि अबके बच्चे सेफ खेलना चाहते हैं। रोजी-रोटी सबसे पहले, देश व समाज सेवा बाद में।

    ReplyDelete
  3. चलिए! हमारे देश के प्रधानमंत्रियों के ख़ानदान ने बड़ी राहत की सांस ली होगी. अच्छी बात है न! अब उनकी आने वाली पीढ़ियों के लिए नए कंपटीटर नहीं आएंगे.

    ReplyDelete

Post a Comment

सुस्वागतम!!

Popular posts from this blog

रामेश्वरम में

विदेशी विद्वानों के संस्कृत प्रेम की गहन पड़ताल

...ये भी कोई तरीका है!

Most Read Posts

Bhairo Baba :Azamgarh ke

रामेश्वरम में

Maihar Yatra

Azamgarh : History, Culture and People

...ये भी कोई तरीका है!

सीन बाई सीन देखिये फिल्म राब्स ..बिना पर्दे का

आइए, हम हिंदीजन तमिल सीखें

विदेशी विद्वानों के संस्कृत प्रेम की गहन पड़ताल

पेड न्यूज क्या है?

ये क्या क्रिकेट-क्रिकेट लगा रखा है?