श्रीभगवान सिंह और कृष्ण मोहन को आलोचना सम्मान

प्रमोद वर्मा स्मृति संस्थान द्वारा स्थापित प्रथम आलोचना सम्मान भागलपुर के डॉ श्री भगवान सिंह को दिया जायेगा. इसी तरह युवा आलोचना सम्मान बनारस के युवा आलोचक श्री कृष्ण मोहन को दिया जायेगा. श्री सिंह हमारे समय के उन सुप्रतिष्ठित और चर्चित आलोचकों में से है जिन्होंने अपने आलोचनात्मक लेखन से समकालीन साहित्यिक आलोचना और परिदृश्य पर एक अलग लक़ीर खींची है. लगभग सांप्रदायिक और विचाररूढ़ हो उठी आलोचना के बरक्स श्री भगवान सिंह एक स्वतंत्र वैचारिक आधार और जातीय दृष्टि लेकर आये हैं. ख़ास तौर से गतिशील राष्ट्रीय जीवन-प्रवाह और गांधी युग के मूल्यों को केंद्र में रखकर उन्होंने जो एक स्वाधीन आलोचनात्मक तेवर प्रदर्शित और रेखांकित किया है.

डॉ. कृष्ण मोहन की आलोचना में पिछली आलोचना की मध्यमवर्गीय चेतना की तुलना में एक उदग्र लोकतांत्रिकता और वैचारिक ऊष्मा है. वे हमारे समय के एक संभावनाशील आलोचक हैं.

वर्तमान में श्री भगवान सिंह तिलका माँझी, भागलपुर, बिहार में हिन्दी विभागाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं एवं श्री मोहन विश्वविद्यालय बीएचयू, वाराणसी में रीडर, हिन्दी के पद पर कार्यरत हैं.

ज्ञातव्य हो कि इस चयन समिति में कवि केदारनाथ सिंह, दिल्ली, डॉ. धनंजय वर्मा, भोपाल, डॉ. विजय बहादुर सिंह, कोलकाता, डॉ. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी, गोरखपुर, विश्वरंजन एवं जयप्रकाश मानस थे.

यह सम्मान उन्हें 10-11 जुलाई को रायपुर में आयोजित दो दिवसीय प्रमोद वर्मा स्मृति समारोह में प्रदान किया जायेगा. सम्मान स्वरूप आलोचक द्वयों को क्रमशः 21 एवं 11 हजार रुपयों सहित प्रशस्ति पत्र, प्रतीक चिन्ह, शाल एवं श्रीफल से विभूषित किया जायेगा.
(यह सूचना सृजनगाथा के संपादक जयप्रकाश मानस ने ईमेल के मार्फ़त दी है.)

Comments

Post a Comment

सुस्वागतम!!

Popular posts from this blog

रामेश्वरम में

Azamgarh : History, Culture and People

इति सिद्धम

Most Read Posts

रामेश्वरम में

Bhairo Baba :Azamgarh ke

इति सिद्धम

Azamgarh : History, Culture and People

Maihar Yatra

विदेशी विद्वानों के संस्कृत प्रेम की गहन पड़ताल

...ये भी कोई तरीका है!

निज़ामाबाद और शीतला माता

पेड न्यूज क्या है?