दुनिया भर में उथल-पुथल कराएगी केतु- गुरु-मंगल की तिकड़ी
इष्ट देव सांकृत्यायन श्री गुरु चरण कमलेभ्यो नमः यह बात मैं साल के आरंभ में ही कह चुका हूँ कि यह पूरा साल धरना-प्रदर्शन और आंदोलनों से भरा रहेगा। युद्ध दुनिया भर में होंगे , लेकिन मध्य-पूर्व और मध्य यूरोप इसके ज्यादा शिकार होंगे। बाकी जगहों पर युद्ध सीधे लड़े जाने के बजाय छद्म रूप में लड़े जाएंगे। शनि-राहु का अगल-बगल होना यह जाहिर करता है कि घोर पूँजीवादी शक्तियाँ पहले तो दूसरे देशों में जनरोष उभारेंगी , फिर उसी के जरिये युद्ध लड़ेंगी। चोरों की तरह घात लगाकर कमजोर देशों पर कब्जे की साजिशें रचेंगी। कहीं सफल होंगी और कहीं विफल। देशों के भीतर सरकारों के अपने गलत फैसले और नेताओं का अहंकार भी इसमें बड़ी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इन युद्धों में रंगे भेड़ियों की भूमिका भी बहुत महत्त्वपूर्ण होगी , जो जनता के बीच उसके बहुत बड़े हितैषी बनकर भेड़ों की खाल ओढ़कर आएंगे। ऊपर से ओढ़ी गई कोई भी खाल चिरकाल तक बनी नहीं रहती। यह भी नहीं रहेगी। लेकिन कहीं तो उनकी खाल समय से उतर जाएगी और कहीं बहुत देर से उतरेगी। तब तक वे बहुत कुछ क्षति पहुँचा चुके होंगे। यह अलग-अलग देशों की अपनी कुंडली पर निर्भर ह...