खून देने से कमजोरी आती है !!!

रक्त दान जीवन दान !
क्या यह शब्द समूह केवल एक वाक्य है ? क्या अब भी बहुतायत इसे केवल एक नारे की तरह उच्चारते हैं ?
शायद हाँ ।
दो दिन पूर्व शहर के एक सरकारी अस्पताल में एक पति ने प्रसव के लिए अपनी पत्नि को भर्ती किया । पत्नि की शल्य क्रिया के दौरान ओ पाजिटिव रक्त की ज़रुरत थी । भाग्य से उसके पति का रक्त भी ओ पाजिटिव निकला । लेकिन पति ने रक्त देने से मना कर दिया ! उसका कहना था कि खून देने से कमजोरी आती है ।
अभागी पत्नि का भाग्य दुर्भाग्य में बदलते देर न लगी । उसके पति ने ही उसे रक्त दान करने से मना कर दिया तो चिकित्सक भौचक्के रह गए ! वह बार-बार दलील देता रहा कि वह कमज़ोर नहीं होना चाहता । पैथालौज़ी के कर्मचारियों ने जब रक्त देते अन्य अनेक का उदाहरण दिखाया तब जाकर वह माना ।
जागरूकता का आलाप छेड़ने वाले आला अधिकारी पहले खुद जागें ताकि जागरूकता की अलख की रौशनी तमाम सोये हुओं तक पहुँच सके ।
केवल मंत्र सा उच्चारती 'रक्त दान जीवन दान' वाली इलेक्ट्रोनिक मशीन लगा देने से मनोरंजन होता है और जेबें भरती हैं बस !!!

Comments

  1. बड़ी विचित्र बात है जी................

    पहली बात तो ये कि रक्तदान से कमज़ोरी नहीं आती.............

    दूसरी बात ये कि जो पति अपनी पत्नी को सिर्फ़ इसलिए रक्त देने से मना कर देता है कि कमज़ोरी आ जायेगी, उस भलेमानस से किसी संकट के समय देश काल और समाज के लिए किसी बलिदान की क्या आशाकी जाये ?

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  2. यह व्यवस्था सिर्फ़ मशीनें ही लगा सकती है राकेश जी!

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