नारी-संविधान

नारी का
नारी के लिए
नारी के द्बारा
संविधान
गढ़ दिया गया,
बेटी का
बहू के लिए
सास के द्बारा
काम
मढ़ दिया गया!
[] राकेश 'सोऽहं'

Comments

  1. संविधान कभी कभी अपने खिलाफ भी गढा जाता है.

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