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Showing posts from July, 2020

वार्षिक अधिवेशन एवं ई-विश्व कवि सम्मेलन

अखिल विश्व हिंदी समिति, टोरोंटो का 11वाँ वार्षिक अधिवेशन व ‘ई- विश्व कवि सम्मलेन’ 25 जुलाई 2020 शनिवार को प्रातः 10 से सायं 2 बजे (भारतीय समय 7:30 सायं से 11:30 रात्रि) तक कोरोना काल में ज़ूम कांफ्रेंस द्वारा पूर्ण भव्यता, सफलता, साहित्यिक तरंग व आध्यात्मिक संवेदन के साथ संपन्न हुआ।समारोह की मुख्य अतिथि थीं टोरोंटो, कनाडा की भारतीय कोंसलाधीश सम्माननीया अपूर्वा श्रीवास्तव जी। कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि थे भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के राजभाषा विभाग के निदेशक श्री वेद प्रकाश गौड़ जी। कार्यक्रम की अध्यक्षता की हिंदी एवं संस्कृति शोध संस्थान के महासचिव व अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति, भारत के राष्ट्र सचिव आगरा से डॉ. श्री भगवान शर्मा जी ने। कनाडा से हिंदी प्रचारिणी सभा के अध्यक्ष व ‘हिंदी चेतना’ के प्रमुख संपादक श्री श्याम त्रिपाठी जी कार्यक्रम के उपाध्यक्ष रहे।विशिष्ट अतिथि थे नागरी लिपि परिषद, नई दिल्ली, के महासचिव डॉ हरिसिंह पाल जी। अन्तर्राष्ट्रीय हिंदी समिति, भारत के अंतर्राष्ट्रीय महासचिव डॉ प्रवीण गुप्ता व उपाध्यक्ष श्री राजेश गर्ग विशेष अतिथि थे। अखिल विश्व हिंदी समिति, न्यूयॉर्क…

पत्रकारिता का रंग इतना ज़र्द!!

इष्ट देव सांकृत्यायन योगी आदित्यनाथ पर मुक़दमा दर्ज कराने वाले परवेज़ परवाज़ को दुष्कर्म मामले में उम्र क़ैदइस शीर्षक से आपको क्या सीख मिलती है?यही कि मीडिया का कोई भी घराना हो, उस पर धेला भर भी यकीन करने की जरूरत नहीं है.पहली बात.. उम्र क़ैद की सज़ा उसे किसने दी? आदित्यनाथ ने या कोर्ट ने? दूसरी बात.. भारत में कोर्ट इतनी जल्दी या तेज़ गति से तो काम करता नहीं कि इधर आदित्य नाथ पर उसने मुकदमा दर्ज कराया और उधर कोर्ट ने उसे सज़ा दे दी. जाहिर है, यह मामला पुराना रहा होगा. पहले पीड़ित ने पुलिस को सूचना दी होगी. पुलिस ने अपनी रीति-रिवाज़ के मुताबिक हीला-हवाली की होगी. उसके बाद उस पर स्थानीय लोगों का दबाव पड़ा होगा, तब जाकर मुकदमा दर्ज हुआ होगा. फिर जाँच हुई होगी. रपट आई होगी. पहली जाँच रपट निश्चित रूप से अंतर्विरोधों से भरी रही होगी. क्योंकि यूपी पुलिस के जो संस्कार उसके अनुसार ठीक-ठीक रपट वह अपनी माँ-बहन के मामले में भी दे दे तो बड़ी बात है. हाँ एनकाउंटर अलग मसला है. फिर उसे दो-चार बार अदालत में लताड़ पड़ी होगी. तब जाकर उसने कहीं सही रपट दी होगी.कोर्ट की कार्यपद्धति#मजीठिया_वेजबोर्डके मामले में रहे …

संवाद-यात्रा

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संवाद-यात्रा  (प्रोफेसर रामदरश मिश्र के साक्षात्कारों का संग्रह ) संपादक - हरिशंकर राढ़ी  प्रकाशक - अमन प्रकाशन
कानपुर , उत्तरप्रदेश
इस संग्रह मे वरिष्ठ और प्रसिद्ध कवि, कथाकार, उपन्यासकार प्रो 0 रामदरश मिश्र से लिए गए 28 साक्षात्कार समाहित हैं जो समय - समय पर अनेक लेखकों - कवियों एवं पत्रकारों द्वारा लिए गए हैं।

Samvaad -Yaatra (Collection if Interviews) Editor - Hari Shanker Rarhi Publisher - Aman Prakashan
Kanpur , U.P.

ज्योति और सचिन: खलनायक नहीं, नायक हैं ये

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इष्ट देव सांकृत्यायनसचिन पायलट का प्रयास एक बार उलटा क्या पड़ा पूरे परिदृश्य पर वे खलनायक नजर आने लगे। गहलोत और दूसरे कांग्रेसियों से लेकर न्यूज चैनलों-अखबारों के छापदार विशेषज्ञों और सोशल मीडिया के छापेमार विशेषज्ञों तक ने उन्हें विभीषण से लेकर रावण और दुर्योधन से लेकर शकुनि तक साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ा। ठीक यही बात उस वक्त भी हुई थी जब पायलट के दहिनवार सिंधिया ने मध्य प्रदेश में तख्ता पलट किया था। सिंधिया अपने प्रयास में सफल हो गए तो अब उनके खिलाफ सारी आवाजें आनी बंद हो गईं। उस वक्त अमावस के नीरव अंधकार में दहाड़ते कांग्रेसी शेरों की हैसियत अब ज्योतिरादित्य के मामले में कीं कीं करते निरीह झींगुरों से अधिक नहीं रह गई है। अगर कहीं सिंधिया अगले चुनाव में जीत गए और भाजपा में अपने समर्थकों की संख्या बढ़ा सके तो इन झींगुरों में से आधों से ज्यादा का पिल्लों के रूप में पुनर्जन्म तो हम-आप दो साल बाद ही देख लेंगे। इसके लिए महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया को कोई बहुत ज्यादा कुछ करना नहीं है। उन्हें कुल जो करना है, वह बस इतना ही है कि महाराज के अपने साँचे से बाहर निकल आना है। ज्योतिरादित्य के …

विकास दुबे या विनय तिवारी

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इष्टदेवसांकृत्यायनजोदशाविकासदुबेकेघरकीहुई, वहउससेपहलेविनयतिवारीकेघरकीहोनीचाहिएथी।विकासदुबेनेतोकेवलब्राह्मणजातिऔरमनुष्यताकोकलंकितकियाहैलेकिनविनयतिवारीऔरउसकेसाथियोंनेतोअस्तित्वमात्रकोकलंकितकिया।अपनेहीसाथियोंकेखिलाफएक

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