ajnat rachnakar visheshank

समकालीन अभिव्यक्ति  का अज्ञात रचनाकार विशेषांक 




समकालीन अभिव्यक्ति के गौरवशाली  दस वर्ष  पूर्ण होने पर

                     एक महत्त्वाकांक्षी योजना

अज्ञात रचनाकार विशेषांक 

    एक दुर्लभ एवं खोजपरक अंक 

                   शीघ्र प्रकाश्य 


अज्ञात रचनाकार के मानदंडः

  • ऐसे रचनाकार जो परिस्थितिवश  प्रकाशन  जगत से दूर रह गए।
  • ऐसे रचनाकार जो कभी-कभी और कम लिखे।
  • ऐसे रचनाकार जो स्वांतःसुखाय लिखते रहे।
  • ऐसे गंभीर पाठक जो स्तरीय लेखन में सक्षम होने के बावजूद नहीं लिखते।
  • ऐसी रचनाओं के लेखक जो अज्ञात ही रह गए, रचनाएं लोकप्रिय हुईं।



रचनाकार कृपया ध्यान दें:


  • रचनाएं सर्वथा अप्रकाशित /दुर्लभ श्रेणी की होनी चाहिए।
  • रचना किसी भी विधा में हो सकती है किंतु विषयवस्तु साहित्यिक/सांस्कृतिक ही होनी चाहिए।
  • दलगत राजनीति और सनसनीखेज मुद्‌दों पर आधारित रचनाएं स्वीकार्य नहीं हैं।
  • रचनाएं मार्च,2012 तक संपादकीय कार्यालय में प्राप्त हो जानी चाहिए।
  • यदि प्रेषित  सामग्री के रचनाकार का नाम अज्ञात है तो प्रस्तोता का नाम दिया जाएगा। ऐसी   स्थिति में कृपया रचनाप्राप्ति का स्रोत भी बताएं।

रचनाएं कैसे भेजें :

  • रचना  साफ कागज पर एक तरफ टंकित या पठनीय ढंग से हस्तलिखित हो।
  • रचना पत्रिका के ईमेल पर भी प्रेषित  की जा सकती है। कृपया यथासंभव कृतिदेव फांट का प्रयोग करें या पी.डी.एफ में भेजें।
  • समकालीन अभिव्यक्ति एक शुद्ध  साहित्यिक और सांस्कृतिक पत्रिका है जिसका संचालन/संपादन पूर्णतया अव्यावसायिक/ अवैतनिक है और साहित्यिक स्वाद की स्वस्थ रचनाएं पाठकों तक पहुंचाना इसका उद्देश्य  है।


रचना निम्नलिखित पते पर भेजें:

संपादक                                              
समकालीन अभिव्यक्ति
फ्लैट नं. 5, तृतीय तल, 984
वार्ड नं -7 , महरौली
नई दिल्ली- 110030
फोन नं. 011 -26645001
email -  samkaleen999@gmail.com


अथवा


हरिशंकर  राढ़ी
सह संपादक (समकालीन अभिव्यक्ति)
फ्लैट नं. 2, अपर ग्राउंड फ्लोर
176, वार्ड नं. 3 ,
महरौली, नई दिल्ली-110030
फोन नं. 011 - 26644751


Comments

  1. स्तुत्य प्रयास, साहित्य के मोतियों को समेटने का।

    ReplyDelete

Post a comment

सुस्वागतम!!

Popular posts from this blog

गढ़ तो चित्तौडग़ढ़...

Bhairo Baba :Azamgarh ke

Maihar Yatra

Most Read Posts

Bhairo Baba :Azamgarh ke

Maihar Yatra

Azamgarh : History, Culture and People

सीन बाई सीन देखिये फिल्म राब्स ..बिना पर्दे का

रामेश्वरम में

ये क्या क्रिकेट-क्रिकेट लगा रखा है?

गन्ने के खेत में रजाई लेकर जाती पारो

गढ़ तो चित्तौडग़ढ़...

चित्रकूट की ओर

चित्रकूट में शेष दिन