दिल्ली में बैठे-बैठे यूरोप की सैर


गोथिक कला की बारीकियां बताने के लिए प्रदर्शनी 23 तक
गोथिक कला की बारीकियों से दुनिया को परिचित कराने और इस पर अलग-अलग देशों में काम कर रहे लोगों को आपस में जोडऩे के लिए इंस्टीच्यूटो सरवेंटस ने दिल्ली में प्रदर्शनी आयोजित की है। 23 अक्टूबर तक चलने वाली इस प्रदर्शनी संबंधी जानकारी एक प्रेसवार्ता में स्पेन शासन से जुड़े इंस्टीच्यूटो सरवेंटस के निदेशक ऑस्कर पुजोल ने दी।
इस प्रदर्शनी में पांच भूमध्यसागरीय देशों की प्राचीन गोथिक स्थापत्य कला को देखा और समझा जा सकता है। ये देश हैं स्पेन, पुर्तगाल, इटली, स्लोवेनिया और ग्रीस। इन देशों के 10 भव्य आर्किटेक्चरल मॉडल यहां दिखाए जा रहे हैं। ऑडियो विजुअल प्रस्तुति में पैनल्स और विडियो के जरिये यूरोप की इस कला को दिल्ली में जिस भव्यता से पेश किया जा रहा है उसे देखकर लगता है कि आप सीधे यूरोप में बैठे भूमध्यसागरीय स्थापत्य कला के भव्य निर्माण निहार रहे हैं। आम लोग इस प्रदर्शनी में दिन के साढ़े 11 से शाम साढ़े 7 बजे तक आ सकते हैं।
प्रदर्शनी का उदघाटन करते हुए संरक्षक आरटूरो जारागोरा ने कहा कि भूमध्यसागरीय निर्माण में गोथिक कला का असर साफ नजर आता है। भारत से पहले इस प्रदर्शनी का आयोजन वैलेनेसिया और इटली में भी हो चुका है। इसमें अलग-अलग श्रेणी की कला को दर्शाने के लिए अलग-अलग निर्माणों का प्रदर्शन किया जा रहा है। किलों की श्रेणी में सिसली (इटली के टापू) बेलेवर ऑन मेजोरका (स्पैनिश टापू) नेपल्स का कैस्टलनुओवो (इटली) शामिल हैं तो कैथेड्रल की श्रेणी में निकोसिया, पाल्मा डे मेजोरका, गिरोना या एल्बी (फ्रांस), चर्चों की श्रेणी में रोडास, स्लोवेनिया, इवोरा (पुर्तगाल) और प्लेरमो (इटली) और 14 वीं सदी के महान महलों में रोडास (ग्रीस), डबरोवनिक (क्रोएशिया), माल्टा या वेलेनेसिया (स्पेन)।
स्थान : द इंस्टीच्यूटो सरवेंटस नई दिल्ली में कनॉट प्लेस स्थित श्री हनुमान मन्दिर के पीछे है.

Comments

  1. इस जानकारी के लिए शुक्रिया -आप इसके बारे में भी बतायें ताकि विकिपीडिया का सहारा न लेना पड़े !

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  2. भाई अरविन्द जी!

    आपके आदेश के विपरीत विकीपीडिया का लिंक ही दे दिया है. ख़ुद इस बारे में फिर कभी बता सकूंगा, फुर्सत में होने पर.

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  3. अपने यहाँ भी पुर्तगालियों, अंग्रेजों आदि के शासनकाल के कुछ निर्माण हैं जो गोथिक शैली की मानी जाती हैं. दिल्ली वाले या इस बीच दिल्ली जाने वाले इस प्रदर्शनी का पूरा लाभ ले पाएंगे. जानकारी के लिए आभार.

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  4. बहुत सुंदर जानकारी दी है .. विस्‍तृत जानकारी के लिए विकीपीडिया के लिंक देर आपने अच्‍छा किया !!

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  5. बहुत सुंदर जानकारी दी इस के लिए शुक्रिया

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  6. अच्छी प्रस्तुति....बहुत बहुत बधाई...
    मैनें अपने सभी ब्लागों जैसे ‘मेरी ग़ज़ल’,‘मेरे गीत’ और ‘रोमांटिक रचनाएं’ को एक ही ब्लाग "मेरी ग़ज़लें,मेरे गीत/प्रसन्नवदन चतुर्वेदी"में पिरो दिया है।
    आप का स्वागत है...

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  7. labhdayak suchna. umeed hai gairdilli walon ko pradarshnee kee khabar bhee aap padhayenge.

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  8. अच्छा है - गोथिक स्थापत्य के बारे में यह प्रदर्शनी तो न देख पाऊंगा पर फुर्सत से पढ़ूंगा जरूर।

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