बस कुछ नहीं

कहती हो हर बात में कि कुछ नहीं,
कुछ मन कहे पर होंठ कहते कुछ नहीं,
गुनगुनाती मन ही मन पर पूछ लूं तो,
कुछ नहीं, बस कुछ नहीं, बस कुछ नहीं।
अनिल आर्य

Comments

Post a comment

सुस्वागतम!!

Popular posts from this blog

Bhairo Baba :Azamgarh ke

गढ़ तो चित्तौडग़ढ़...

Maihar Yatra

Most Read Posts

Bhairo Baba :Azamgarh ke

Maihar Yatra

Azamgarh : History, Culture and People

सीन बाई सीन देखिये फिल्म राब्स ..बिना पर्दे का

रामेश्वरम में

ये क्या क्रिकेट-क्रिकेट लगा रखा है?

गन्ने के खेत में रजाई लेकर जाती पारो

गढ़ तो चित्तौडग़ढ़...

चित्रकूट की ओर

चित्रकूट में शेष दिन